एक ऐसा मंदिर जिसके खम्भे आज भी है रहस्य
16वीं सदी में कर्नाटक के हम्पी में निर्मित विट्ठल मंदिर जो भगवान विट्ठल या भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर के संगीत खम्भों का रहस्य अब तक उजागर नहीं […]
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16वीं सदी में कर्नाटक के हम्पी में निर्मित विट्ठल मंदिर जो भगवान विट्ठल या भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर के संगीत खम्भों का रहस्य अब तक उजागर नहीं […]
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केंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण पर ध्यान देते हुए रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट और बौद्ध सर्किट विकसित करने की योजना बना
जानिए कहां कहां से गुजरेगा रामायण सर्किट Read More »
नागा साधूओं का इतिहास भारतीय सनातन धर्म के वर्तमान स्वरूप की नींव आदिगुरू शंकराचार्य ने रखी थी। शंकर का जन्म ८वीं शताब्दी के मध्य में हुआ था जब भारतीय जनमानस
आखिर कौन होते हैं नागा साधू जानिए उनका रहस्य? Read More »
अरावली की सुरम्य पहाड़ियों में स्तिथ परशुराम महादेव गुफा मंदिर का निर्माण स्वंय परशुराम ने अपने फरसे से चट्टान को काटकर किया था। इस गुफा मंदिर तक जाने के लिए
ये है मेवाड़ का अमरनाथ, स्वंय परशुराम ने किया था इस मंदिर का निर्माण Read More »
रोहतास जिला से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है रोहतास गढ़ का किला। फ्रांसीसी इतिहासकार बुकानन ने लगभग 200 साल से पहले इस रोहतास गढ़ का किला देखने
जानिए बिहार के एक ऐसे किले के बारे में जिसे राजा हरिश्चंद्र के बेटे ने बनवाया था Read More »
विज्ञान कहता है कि धरती पर जीवन की उत्पत्ति 60 करोड़ वर्ष पूर्व हुई एवं महाद्वीपों का सरकना 20 करोड़ वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ, जिससे पांच महाद्वीपों की उत्पत्ति हुई।
भारत का मूल निवासी कौन जानिए विस्तार से? Read More »
आज पूरी दुनिया में इजरायल की बहादुरी का भले ही डंका बजता हो लेकिन प्रथम विश्व युद्ध में जोधपुर के रणबांकुरों ने मेजर दलपत सिंह के नेतृत्व में उनके हैफा
किसी के लिए भी यह उम्मीद करना काफी मुश्किल होगा कि 76 साल की उम्र में कोई महिला आज भी लाठी, तलवार और भाला थामे मैदान में डटी हुई हैं।
जानिए एक ऐसी महिला के बारे में जो 75 साल की उम्र में भी चलातीं है तलवार Read More »
ओरछा का इतिहास 8वीं सदी से शुरू होता है, जब महान क्षत्रिय प्रतिहार (परिहार) सम्राट मिहिर भोज ने इसकी स्थापना की थी। इस जगह की पहली और सबसे रोचक कहानी
जानिए सम्राट मिहिर भोज के बसाये ओरछा का इतिहास Read More »
सत्तावनी क्रान्ति में अवध क्षेत्र (बैसवारा) के एक क्षत्रिय क्रांतिकारी अमर पुरोधा की गौरव गाथा- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन पवित्र जन्मभूमि अयोध्यापुरी और लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) का निकटवर्ती क्षेत्र
एक ऐसा राजा जिसने हँसते हँसते चूम लिया फांसी का फंदा Read More »
हमारे वेदों में वर्ण- व्यवस्था का विधान रखा गया है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र इन चारों वर्णों में सम्पूर्ण समाज विभक्त कर दिया गया है। चारों वर्णों का तात्पर्य
भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था Read More »
हमारे पुराणों में 51 महाशक्ति पीठ व 26 उप पीठों का वर्णन मिलता है। इनको शक्ति पीठ या सिद्ध पीठ भी कहते हैं। इन्ही में से एक है दधिमथी पीठ
2000 साल पुराने इस मंदिर के चमत्कार जानकार हैरान रह जायेगे आप Read More »
भारत की महानतम पवित्र भूमि ने इस भूमि को ऐसे दिव्य रत्न प्रदान किए हैं जिनकी मनीषा और विलक्षणता ने समस्त संसार को चौंका दिया है। आज भी उनकी बुद्धिमत्ता
जातिवाद को लेकर भारत में बहुत बवाल खड़ा किया जाता रहा है। खासकर तथाकथित जातिवादी व्यवस्था की आड़ में सनातन हिंदू धर्म को बदनाम किए जाने का कुचक्र भी बढ़ा
जानिये हिन्दू धर्म में जाति व्यवस्था एवं उनका वर्गीकरण Read More »